वसंत पंचमी

posted Feb 7, 2011, 7:09 PM by Abhishek Ojha   [ updated Nov 10, 2011, 8:32 PM ]

It was a hectic day, Sitting all the day on my desk I got tired. After I came back in my apartment I almost slept without dinner... then I realized that today is Vasant Panchami in India. Start of Spring in India and festival of goddess for wisdom Sarsvati. This used to be a big festival for me as a kid then fun a fest to see girls dressed in Sari as a youth. Although Var de Vina Vaadini by Suryakant Tripathi 'Nirala' is what I used to read as Mantra when I was a kid. I found these lines in my diary.

पावका न: सरस्वती वाजेभिर् वाजिनीवती यज्ञम् वष्टु धियावसुः
चोदयित्री सूनृतानां चेतन्ती सुमतीनाम् यज्ञम् दधे सरस्वती
महो अर्ण: सरस्वती प्र चेतयति केतुना धियो विश्वा वि राजति । - ऋग्वेद

(देवी सरस्वती जो पवित्र करने वाली हैं, पोषण करने वाली हैं और जो बुद्धि से किए गए कर्म को धन प्रदान करती हैं। हमारे यज्ञ को सफल बनाएँ। जो सच बोलने की प्रेरणा देती हैं और अच्छे लोगों को सुमति प्रदान करने वाली हैं। जो नदी के जल के रूप में प्रवाहित होकर हमें जल प्रदान करती हैं और अच्छे कर्म करने वालों की बुद्धि को प्रखर बनाती हैं। वो देवी सरस्वती हमारे यज्ञ को सफल बनाएँ।)



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