पाँच तरह के वाद्य

posted Apr 12, 2011, 5:55 PM by Abhishek Ojha   [ updated Nov 10, 2011, 8:26 PM ]

हाल ही में गीताप्रेस की एक पुस्तक में पढ़ना हुआ कि वाद्य (यंत्र) पाँच तरह के होते हैं.  उनका प्रकार ये है: 

१. क्वणित: मुंह से फूंककर बजाये जाने वाले बांसुरी, सहनाई इत्यादि.
२. रणित: अंग के चलने से बजने वाले जैसे घुंघुरू.
३. घोष: गंभीर नाद करने वाले मृदंग, ढोल, नगाड़े इत्यादि.
४. ताड्य: परस्पर पीटकर झांझ के सामान बजने वाले. 
५. झंकृति: सितार जैसे तार से बने हुए.

पता नहीं ये वर्गीकरण कितना लोकप्रिय रहा होगा (है तो नहीं?) पर मुझे रोचक लगा.


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