कुछ लोग...

posted Jun 20, 2012, 3:16 PM by Abhishek Ojha   [ updated Jun 20, 2012, 3:16 PM ]
 
घर में माँओं को कुछ बांटने के लिए दे दिया जाय तो अक्सर उनके खुद के लिए कुछ नहीं बचता.
...उन्हें चाहिए भी नहीं होता. लिया भी तो सबसे कम - ना के बराबर. बस दिखाने के लिए !

और हमेशा संभावना होती है कि कोई ये कह दे - मुझे कम मिला ! या मुझे अच्छा वाला नहीं मिला ! कहता कोई नहीं पर लगता तो सभी को है... दुसरे के प्लेट में सभी को अच्छे लड्डू तो दीखते ही हैं.  :)

... कुछ लोग जीवन में भी ऐसे ही हो जाते हैं... उन्हें खुशियाँ बांटनी होती है. अपने लिए कुछ नहीं चाहिए होता. लोग कुछ भी कहें... वो कुछ और कर ही नहीं सकते.

 पर... कई बार उन्हें कोई ऐसा मिलता भी नहीं जिस पर नाराज हो जाएँ ! किसी को डांट सकें... चिल्ला सकें...
कभी खुद परेशान या दुखी हुए तो किसी से कह सकें...

यूँहीं :)

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